पाक में धमाके, नेपाल में भूकंप जैसे बहानों से वकील 35 साल से हर शनिवार हड़ताल कर रहे, सुप्रीम काेर्ट बाेला- यह दिल दहलाने वाला
नई दिल्ली. उत्तराखंड के तीन जिलाें की अदालताें में पिछले 35 साल से हर शनिवार वकील हड़ताल कर रहे हैं। इसके लिए उनके बहाने भी अजीब होते हैं। पाकिस्तान के स्कूल में बम धमाका हाे या नेपाल में भूकंप आए या किसी वकील के परिवार में सदस्य की माैत हाे जाए, वे हड़ताल कर देते हैं। शुक्रवार को सुप्रीम काेर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाया। काेर्ट ने वकीलाें काे चेतावनी दी कि वे हड़ताल पर बने रहे ताे काेर्ट अवमानना की कार्यवाही करेगा। कोर्ट ने हड़ताल को अवैध बताया जस्टिस अरुण मिश्रा और एमआर शाह की पीठ ने हड़ताल काे अवैध ठहराते हुए बार काउंसिल ऑफ इंडिया और सभी स्टेट बार काउंसिल से वकीलाें की हड़ताल पर कार्रवाई का खाका तैयार करने के लिए छह हफ्ते में सुझाव मांगे हैं। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट उत्तराखंड हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ देहरादून बार एसाेसिएशन की अपील पर सुनवाई कर रहा था। हाई कोर्ट ने 25 सितंबर 2019 के फैसले में विधि आयोग की 266वीं रिपोर्ट का उल्लेख कर वकीलों की हड़ताल के कारण कार्य दिवसों के नुकसान के आंकड़ों का विश्लेषण किया था और हड़ताल खत्म करने का आदेश दिया था। न्यायपालिका लंबित मामलाें और...